विकास में दौड़ता राजस्थान
Tuesday, 31 January 2017
Tuesday, 16 August 2016
मुख्यमंत्री का राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में सम्बोधन सशक्त, समृद्ध और खुशहाल राजस्थान के निर्माण में भागीदारी के आह्वान के साथ विकास की कई घोषणाएं
जयपुर, 15 अगस्त। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने अजमेर के पटेल मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में देश के शहीदों एवं स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए सशक्त, समृद्ध और खुशहाल राजस्थान के निर्माण में युवा शक्ति एवं प्रदेशवासियों से भागीदार बनने का आह्वान किया। श्रीमती राजे ने कहा कि आज देश में युवाओं की संख्या65 प्रतिशत है। हमें जोश और जज्बे को बरकरार रखते हुए आजादी के मूल मंत्र को हमेशा याद रखना होगा।
2 अक्टूबर से लगेंगे पंचायत शिविर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पहली बार पंचायत से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए पंचायत स्तर पर ही शिविर लगाकर जन समस्याओं के निराकरण की अभिनव पहल की जाएगी। पूरे प्रदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती 2 अक्टूबर के अवसर पर ये शिविर शुरू होंगे।
किसानों को 1500 करोड़ का अतिरिक्त ब्याज मुक्त फसली ऋण
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसली ऋण योजना के तहत किसानों को सहकारी बैंकों के माध्यम से 1500 करोड़ रुपए का अतिरिक्त ब्याज मुक्त फसली ऋण उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने समारोह में इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि किसानों की 5 हैक्टेयर तक की खातेदारी भूमि से जिप्सम की परत हटाने का परमिट अब जिला कलक्टर के स्तर पर ही जारी कर दिए जाएंगे। इससे भूमि की उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों को भरपूर लाभ मिलेगा।
40 हजार महिलाओं को आजीविका तथा मनरेगा से जोड़ेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने के लिए उन्हें आजीविका से जोड़ा जाएगा। इस साल हम 40 हजार ऎसी महिलाओं को राजस्थान आजीविका परियोजना तथा मनरेगा से जोड़ेंगे, जिससे ये महिलाएं न केवल अपने खेतों में खेत-तलाई, भूमि समतलीकरण और मेड़बंदी का कार्य करा सकेंगी बल्कि वर्मी-कम्पोस्ट के उत्पादन के साथ-साथ बकरी और पशु के लिए शैड का निर्माण भी कर सकेंगी।
एससी-एसटी को पात्रता अंकों में 5 प्रतिशत की छूट
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य मेें मंत्रालयिक सेवा संबंधी तीनों नियमों जैसे राजस्थान सचिवालय, राजस्थान लोक सेवा आयोग एवं राजस्थान अधीनस्थ कार्यालय लिपिकवर्गीय सेवा नियम, 1999 में नया प्रावधान किया जाएगा। इनमें सीधी भर्ती के पदों पर एससी-एसटी के अभ्यर्थियों को प्रथम चरण व द्वितीय चरण की परीक्षा में न्यूनतम पात्रता अंकों में 5 प्रतिशत तक की छूट देय होगी। इससे अधिक लोगों को आरक्षित पदों पर चयन का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की सुविधा के लिए ऑनलाइन पेंशन सॉफ्टवेयर को शीघ्र ही लागू किया जाएगा।
विद्यार्थी मित्रों को राहत के लिए करेंगे सार्थक पहल
श्रीमती राजे ने कहा कि लम्बे समय से विद्यार्थी मित्र की समस्या के समाधान करने की मांग की जा रही है। हमने इसके समाधान का प्रयास भी किया परन्तु समस्त प्रक्रिया न्यायालय में विचाराधीन होने से लंबित है। अब नए सिरे से इसके समाधान का प्रयास किया जा रहा है। आगामी एक-दो माह में इस दिशा में सार्थक पहल करने का प्रयास किया जा रहा है।
350 स्कूलों में होेंगे 204 करोड़ के काम
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से पिछले ढाई सालों में शिक्षा की गुणवत्ता में निरन्तर सुधार हुआ है। इसी का परिणाम है कि वर्ष 2013 की तुलना में वर्ष 2016 में रिजल्ट 56 से बढ़कर 70 प्रतिशत हो गया है। बारहवीं विज्ञान संकाय का रिजल्ट 34 से बढ़कर 47 प्रतिशत हो गया है तथा 9 लाख बच्चों का नामांकन बढ़ा है, जो एक रिकॉर्ड है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अन्तर्गत 204करोड़ रुपये की लागत से 350 विद्यालयों में 2 हजार से अधिक कार्य कराये जाएंगे। इनमें विज्ञान प्रयोगशाला, कम्प्यूटर रूम, आर्ट एण्ड क्राफ्ट रूम, पुस्तकालय, अतिरिक्त कक्षा-कक्ष एवं पेयजल सुविधाओं के कार्य होंगे।
शिक्षकों के प्रशिक्षण के लिए 12 केन्द्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों के आधुनिक प्रशिक्षण के लिए 9 शैक्षणिक संभाग मुख्यालय सहित 12 स्थानों पर स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एजूकेशन मैनेजमेंट एण्ड ट्रेनिंग में अत्याधुनिक आईटी सुविधाओं से युक्त केन्द्राें का निर्माण कराया जाएगा।
संभाग मुख्यालयों पर स्थापित होंगे ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर
श्रीमती राजे ने युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि हमने इस दिशा में ठोस कदम उठाये और राजस्थान मिशन ऑन लाइवलीहुड का पुनर्गठन किया। आज प्रदेश के सैकेण्डरी स्कूलों में भी व्यावसायिक शिक्षा प्रदान की जा रही है। राज्य का ऎसा कोई जिला नहीं है, जहां किसी बड़ी कम्पनी की आईटीआई से पार्टनरशिप न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दो-तीन माह में सीकर और रेलमगरा के साथ-साथ सभी संभाग मुख्यालयों पर ड्राइविंग ट्रेनिंग सेन्टर स्थापित किए जाएंगे। नेशनल इंस्टीट्यूट फॉर एन्टरप्रेन्योरशिप एण्ड स्मॉल बिजनेस डवलपमेंट की इकाइयां प्रदेश की सभी सरकारी आईटीआई में 13 दिसम्बर तक स्थापित कर दी जाएंगी। राज्य में कौशल प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में अगस्त माह के दौरान करीब 21 हजार प्रशिक्षणार्थी नामांकित थे, जो कि एक रिकॉर्ड है। साथ ही सरकार ने अब तक सरकारी एवं गैर सरकारी क्षेत्रों में 9 लाख 90 हजार रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए हैं। 104 या 108 डायल करने पर मिलेगी एम्बूलेंस सेवाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में 108 एम्बूलेंस सेवा, 104 जननी एक्सप्रेस सेवा, बेस एम्बूलेंस सेवा तथा 104 चिकित्सा परामर्श सेवा पृथक्-पृथक् संचालित की जा रही हैं और इनकी सेवाओं के लिए कॉलर को अलग-अलग नम्बर डायल करने पड़ते हैं। इस समस्या के समाधान के लिए इन चारों एम्बूलेंस सेवाओं को एकीकृत कर जीवनवाहिनी इंटीग्रेटेड एम्बूलेंस योजना शुरू की जाएगी। जिससे 104 या 108 डायल करने पर एम्बूलेंस उपलब्ध होगी। इसका फायदा यह होगा कि रेस्पोंस समय में कमी आने से मरीज तक जल्दी पहुंचा जा सकेगा। इस प्रणाली को आज से ही लागू किया जा रहा है।
295 आदर्श पीएचसी की शुरूआत
मुख्यमंत्री श्रीमती राजे ने इस अवसर पर 295 आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों की शुरूआत करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना महत्वपूर्ण है। वर्ष 2017 तक हम 900 पीएचसी को आदर्श बनाएंगे। इनमें एलोपैथिक, आयुर्वेद और योगा की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में अनुपयोगी पड़े उपकरणों की शीघ्र मरम्मत, इनका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए पीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों तक एक्विपमेंट्स मैंनेजमेंट एण्ड मैंटीनेंस सिस्टम की स्थापना की जा रही है।
बिजली, पानी और सड़क को किया मजबूत
श्रीमती राजे ने कहा कि बिजली, पानी और सड़क प्रदेश के विकास के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। इन तीनों ही क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देते हुए राज्य सरकार ने बिजली के वार्षिक औसत बजट आवंटन में 192प्रतिशत, पेयजल में 87.55 प्रतिशत और सार्वजनिक निर्माण विभाग में 140.87 प्रतिशत की वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत शेष रही 1480 ढाणी व मजरों को जोड़ने के लिए 1612 करोड़ रुपए की लागत से 4293 किमी डामर सड़क बनाई जाएगी। साथ ही, अजमेर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़, करौली, कोटा, झालावाड़, जोधपुर, नागौर, अलवर, हनुमानगढ़ एवं बीकानेर जिले की 500 किमी ग्रामीण सड़कों को मुख्य जिला सड़क के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इसके अलावा दूसरे चरण में 2 हजार पंचायतों में गौरव पथ बनाए जाएंगे।
जयपुर में 500 करोड़ रुपए के सीवरेज के काम होंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि जयपुर शहर की घनी आबादी वाले क्षेत्र में सीवरेज लाइनें डालने के लिए आने वाले ढाई साल में 500 करोड़ रुपए के काम हाथ में लिए जाएंगे।
अजमेर अब खुले में शौच से मुक्त
श्रीमती राजे ने समारोह में अजमेर जिले को खुले में शौच से मुक्त जिला घोषित करते हुए कहा कि जल्द ही पाली, चूरू, झुझुनूं और गंगानगर जिले भी इस श्रेणी में शामिल होंगे। अब तक प्रदेश में 2329 ग्राम पंचायतें खुले में शौच से मुक्त हो चुकी हैं।
रोज 1065 युवाओं को मिल रहा रोजगार
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन नई पेयजल परियोजनाओं पर 13 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। प्रतिदिन 125 हैक्टेयर से भी अधिक भूमि बूंद-बूंद और फव्वारा सिंचाई योजनाओं से जोड़ी जा रही है। प्रतिदिन 155 युवाओं का कौशल विकास हो रहा है। सरकारी अथवा गैर-सरकारी क्षेत्र में प्रतिदिन 1 हजार 65 युवाओं को रोजगार मिल रहा है और प्रतिदिन 2 हजार 940 युवा मुद्रा योजना से लाभान्वित हो रहे हैं। इसके अलावा प्रतिदिन 90 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों का पंजीयन हो रहा है। प्रतिदिन 4 करोड़ 54 लाख रुपये सड़क निर्माण पर खर्च हो रहे हैं और करीब 14 किलोमीटर सड़क बन रही हैं।
Wednesday, 27 July 2016
बिजनेस स्टैण्डर्ड की राजस्थान राउण्ड टेबल कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन सत्र - नम्बर बढ़ाने के लिए नहीं, वादे निभाने के लिए कर रहे हैं काम - मुख्यमंत्री
जयपुर। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने कहा है कि हम टीआरपी की तरह अपने नम्बर बढ़ाने के लिए नहींअपितु लोगों से किए गए वादे निभाकर उन्हें राहत देने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के प्रयासों से आज विकास के क्षेत्र में राजस्थान मॉडल देश और दुनिया में अपनी पहचान बना रहा है। श्रीमती राजे बुधवार को यहां होटल मेरियट में बिजनेस स्टैण्डर्ड की राजस्थान राउण्ड टेबल कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि निवेश के अनुकूल माहौल, श्रम सुधारों, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण,ईज ऑफ डूइंग बिजनेस जैसे कदमों से प्रदेश देश-दुनिया का पसंदीदा निवेश स्थल बन गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग प्रायः नकारात्मक चीजों की तरफ ही ध्यान देते हैं, जबकि उन्हें सकारात्मक पक्ष की ओर भी ध्यान देकर उसे लोगों को बताना चाहिए। इस दिशा में मीडिया की भूमिका भी महत्त्वपूर्ण होती है। गलतियां वहीं होती है जहां काम होता है। उन्होंने मीडिया से अपेक्षा की कि राजस्थान के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दें और राज्य में किए जा रहे जनहित के कार्यों एवं योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के लिए मीडिया हमारा साझेदार भी बने। उन्होंने महिला सशक्तीकरण की दिशा में भामाशाह योजना को एक अभिनव पहल बताते हुए कहा कि यह देश में पहली ऎसी योजना है जिसके माध्यम से पात्र लोगों के खातों में योजनाओं का लाभ सीधे पहुंच रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने सम्बोधन में राज्य में कौशल विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने, अप्रासंगिक हो चुके कानूनों को खत्म करने सहित गत ढाई साल में प्रदेश में हो रहे चहुंमुखी विकास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्टार्टअप पॉलिसी, पर्यटन क्षेत्र में हुए विकास, रिसर्जेंट राजस्थान के माध्यम से 370 लाख करोड़ रुपये के एमओयू से राज्य के विकास में होने वाले दूरगामी परिणामों की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि नवम्बर माह में कृषि क्षेत्र में देश और दुनिया में हो रहे तकनीकी विकास और नवाचारों की जानकारी राज्य के किसानों को देने के उद्देश्य से राजस्थान ग्लोबल एग्रीटेक मीट (ग्राम) का आयोजन किया जा रहा है, जिससे हमारे कास्तकार भी खेती में नवाचारों के साथ अपने जीवन में बदलाव ला सकेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य में औद्योगिक क्षेत्र में भी सिंगल विण्डो प्रणाली सहित अनेक प्रोत्साहन देने की वजह से राजस्थान निवेशकों के लिए एक आदर्श राज्य बन चुका है।श्रीमती राजे ने बताया कि आज लोग देख रहे हैं कि राजस्थान में विकास का परिदृश्य बदल रहा है। आने वाले ढाई सालों में राजस्थान हर क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनेगा। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से हमने ‘मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान‘ को जन अभियान बनाया, जिससे इसके तहत निर्मित कुएं, तालाब, टांके आदि इस मानसून में पानी से लबालब हो रहे हैं। अब हम इन जल संग्रहण ढांचों के आस-पास 25 लाख पौधे लगा रहे हैं। इनमें से यदि 40 प्रतिशत पौधे भी जीवित रहते हैं तो भविष्य में 10 लाख पेड़ बनेंगे जो लोगों को राहत देने के साथ वर्षा को आकर्षित कर सकेंगे। ये हमारा पहला प्रयास है और इस वर्ष नवम्बर में जल स्वावलम्बन अभियान का दूसरा चरण भी आरम्भ होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘न्याय आपके द्वार अभियान‘ के माध्यम से गांवों में राजस्व विवादों का निपटारा कर करीब 69 लाख परिवारों को राहत देने के प्रयासों किए गए हैं। गत दो वर्षाें में इस अभियान से 584 गांव वाद मुक्त हुए हैं। उद्घाटन सत्र की शुरूआत में बिजनेस स्टेण्डर्ड के संपादक श्री ए.के. भट्टाचार्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के विजन से राजस्थान विकास की राह पर निरन्तर आगे बढ़ रहा है। राउण्ड टेबल कॉन्फ्रेंस में उद्योग मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर, प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती वीनू गुप्ता, सीआईआई, राजस्थान के चेयरमैन श्री रजत अग्रवाल, कजारिया सेरेमिक्स के चेयरमैन एवं एमडी श्री अशोक कजारिया, जेके टायर एण्ड इण्डस्ट्रीज के अध्यक्ष श्री अरूण कुमार बाजोरिया, होलीडे आईक्यू के सीईओ श्री हरि नायर सहित बड़ी संख्या में उद्योग जगत के लोग उपस्थित थे।
Tuesday, 26 July 2016
Saturday, 23 July 2016
मुख्यमंत्री का आधिकारिक मोबाइल एप लॉन्च
मुख्यमंत्री का आधिकारिक मोबाइल एप लॉन्च जयपुर, 23 जुलाई। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने शनिवार को होटल मेरियट में अपना आधिकारिक मोबाइल एप लॉन्च किया। इस एप के माध्यम से प्रदेशवासियों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की ताजा जानकारी मिल सकेगी। ’वसुन्धरा राजे’ मोबाइल एप के माध्यम से आमजन मुख्यमंत्री के साथ सीधा संवाद भी कर सकेंगे और दस्तावेज या फोटो अपलोड कर सकेंगे। इस एप में इंटीग्रेटेड सर्विस डिलीवरी एवं शिकायत समाधान सिस्टम भी है। साथ ही, राज्य सरकार अन्य एप्स के लिंक एवं राजस्थान के विकास से जुड़े इंफोग्राफिक्स उपलब्ध हैं। इस एप के माध्यम से मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान में आर्थिक सहयोग किया जा सकता है। इस पर मुख्यमंत्री के भाषण, संदेश एवं साक्षात्कार भी उपलब्ध हैं।
उदयपुर जिले में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान -द्वितीय चरण में 87 ग्राम पंचायतों के 258 गांव चिह्नित
जयपुर, 23 जुलाई। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के द्वितीय चरण के लिए उदयपुर जिले में व्यापक स्तर पर तैयारियां आरंभ हो गई हैं और अभियान को मूर्त रूप दिया जा रहा है। जिला कलक्टर श्री रोहित गुप्ता की अध्यक्षता में शनिवार को उदयपुर जिला परिषद सभागार में मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान के द्वितीय चरण के लिए जिलास्तरीय प्रशिक्षकों की प्रशिक्षण कार्यशाला हुई। इसमें मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविचल चतुर्वेदी, जल ग्रहण क्षेत्र विकास के अधीक्षण अभियन्ता आर.के. अग्रवाल एवं अन्य अधिकारियों ने संबोधित किया और द्वितीय चरण के बारे में जानकारी दी। जिला कलक्टर श्री गुप्ता ने सभी कामों में समय और गुणवत्ता पर ध्यान देने के निर्देश दिए और कहा कि सभी संबंधित विभाग अधिक से अधिक काम हाथ में लें। कार्यशाला में प्रथम चरण के अनुभवों को सामने रखकर निर्णय लिया गया कि पूर्व के अनुभवों से सीख कर द्वितीय चरण को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। द्वितीय चरण में जिले की 87 ग्राम पंचायतों मेंं 258 गांवों को चिह्नित किया गया है जहां जल स्वावलम्बन अभियान के काम चलाए जाएंगे।
राजस्थान सरकार की आमजन के लिए विभिन्न सहायता योजनाएँ
इस संसार में परोपकार करने की भावना लगभग हर व्यक्ति में होती है। हमारे अपने भीतर भी ऎसे विचार आते हैं किंतु सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण हम प्रायः जीवन में दो-चार हजार रुपये की चैरिटी करके आत्मसंतुष्टि प्राप्त कर लेते हैं किंतु एक ऎसा तरीका भी है जिसके माध्यम से हम अपने पास-पड़ौस में रहने वाले अथवा अपने घर में काम करने वाले किसी निर्धन व्यक्ति या परिवार को इतनी आर्थिक मदद पहुंचा सकते हैं कि उस परिवार का पूरा भविष्य ही बदल जाये। इस कार्य में हमारी जेब से कोई रुपया खर्च नहीं होगा, राजस्थान सरकार के बहुत से ऎसे विभाग हमारे इस पुण्य कार्य के लिये रुपया खर्च करने को तैयार हैं। राजस्थान सरकार ने वर्तमान में विभिन्न विभागों के माध्यम से एक सौ से अधिक ऎसी योजनाएं चला रखी हैं जिनके माध्यम से आप गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता दिलवा सकते हैं। झालावाड़ जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने इन योजनाओं में से 89 ऎसी योजनाएं चुनकर एक पुस्तिका तैयार करवाई है जो पूरी तरह से जन्मजात कन्याओं से लेकर, स्कूली बालिकाओं, प्रौढ़ महिलाओं, विधवाओं, एकल महिलाओं, परित्यक्ताओं तथा वृद्धाओं के लिये समर्पित हैं। इनमें से 40 योजनाएं प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभागों के माध्यम से, 28 योजनाएं सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता विभाग के माध्यम से, 15 योजनाएं श्रम कल्याण विभाग के माध्यम से, 3 योजनाएं चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से तथा 3 योजनाएं महिला एवं बाल विकास विभाग के माध्यम से संचालित की जाती हैं। मैं यहां केवल तीन बड़ी योजनाओं की चर्चा कर रहा हूँ जिनका लाभ आप किसी गरीब परिवार को तुरंत दिलवा सकते हैं। वह परिवार जीवन भर आपका अहसानमंद रहेगा। राजश्री योजना राजस्थान सरकार ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के माध्यम से 1 जून 2016 से राजश्री योजना आरम्भ की है। इस योजना में किसी महिला को चिकित्सा संस्थान में पुत्री को जन्म देने पर तुरंत 2500 रुपये दिये जाते हैं। बालिका के जन्म की प्रथम वर्षगांठ पर पुनः 2500 रुपये दिये जाते हैं। जब बालिका किसी सरकारी स्कूल में कक्षा 1 में प्रवेश लेती है तो उसे 4000 रुपये दिये जाते हैं। बालिका द्वारा कक्षा 5 में प्रवेश लेने पर 5000 रुपये, कक्षा 10 में प्रवेश लेने पर 11 हजार रुपये तथा कक्षा 12 उत्तीर्ण करने पर 25 हजार रुपये की राशि बालिका की मां को दी जाती है। इस प्रकार एक बालिका के पालन-पोषण के लिये उसकी मां को पचास हजार रुपये दिये जाते हैं। एक माता को यह सहायता दो बालिकाओं तक के लिये दी जा सकती है। इस बालिका को जननी शिशु सुरक्षा योजना के अंतर्गत मिलने वाले 1400 रुपये (ग्रामीण क्षेत्र में) अथवा 1000 रुपये (नगरीय क्षेत्र में) अलग से मिलेंगे तथा अन्य विभागों से मिलने वाली योजनाओं का लाभ भी मिलेगा। प्रसूति सहायता योजना यदि कोई महिला श्रम कल्याण विभाग में श्रमिक के रूप में पंजीकृत है तो उसके प्रथम प्रसव में लड़का होने पर 20 हजार रुपये तथा लड़की होने पर 21 हजार रुपये श्रम कल्याण विभाग द्वारा दिये जाते हैं। पुत्री के जन्म के समय माता की आयु कम से कम 20 वर्ष होनी चाहिये तथा पुत्री का जन्म किसी चिकित्सा संस्थान में होना चाहिये (घर पर नहीं)। कोई भी श्रमिक महिला प्रथम दो प्रसवों पर अर्थात् जीवन में कुल दो बार यह सहायता राशि प्राप्त कर सकती है। इसके लिये श्रम कल्याण विभाग में आवेदन करना होता है। विवाह सहायता योजना यदि कोई महिला श्रम कल्याण विभाग में निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत है तो वह अपनी दो पुत्रियों के विवाह के लिये 55-55 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, उस पुत्री के 18 साल अथवा उससे अधिक आयु होने पर श्रम विभाग से ले सकती है। इसके लिये 18 साल पूरे करने वाली लड़की का आठवीं पास होना जरूरी है। आसान है श्रमिक के रूप में पंजीयन करवाना जो स्त्री या पुरुष साल भर में किसी संस्थान में, किसी के घर पर या किसी ठेकेदार के पास कम से कम 100 दिन तक निर्माण श्रमिक के रूप में मजदूरी करते हैं, वे अपना पंजीयन श्रम कल्याण विभाग में आसानी से करवा सकते हैं। पांच साल के पंजीयन के लिये 85 रुपये पंजीयन शुल्क लगता है।
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