Friday, 22 July 2016

ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के प्रस्तावों का अनुमोदन


जयपुर, 22 जुलाई। ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के प्रमुख शासन सचिव श्री सुदर्शन सेठी की अध्यक्षता में शुक्रवार को यहां शासन सचिवालय में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें ग्राम पंचायतों को खुले में शौच से मुक्त करने की दिशा में हो रहे कार्यों पर विस्तृत चर्चा के साथ ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन के प्राप्त 96 प्रस्तावों में से 61 प्रस्तावों का अनुमोदन किया गया। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुदर्शन सेठी ने कुछ जिलों की ग्राम पंचायतों के खुले में शौच से मुक्त होने की दिशा में चल रहे धीमें प्रयासों के प्रति चिन्ता जताते हुए ऎसे जिलों में वर्कशॉप आयोजित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि इन कार्यशालाओं में संबंधित जिलों के सरपंचोंउप सरपंचों को बुलाया जाए और उन्हें इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जाए कि किस प्रकार ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में शौचालय निर्माण और उसके प्रयोग के बारे में आम जनता को जागरूक किया जा सकता है। श्री सेठी ने निर्देश दिए कि जिला कलेक्टर प्रत्येक पंचायत में एक अधिकारी स्तर का व्यक्ति नियुक्त कर शौचालयों के निर्माण की प्रगतिग्रामीणों में खुले में शौच से मुक्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की सत्त मॉनिटरिंग करने के साथ स्वच्छता अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें। प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक नॉडल अधिकारी होने से ग्राम पंचायतों के ओडीएफ होने की गति में तीव्रता आएगी। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की निदेशक डॉ. आरूषी मलिक ने बताया कि वर्ष 2015-16 में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में राजस्थान का भारत प्रथम स्थान रहा है तथा बीकानेर की समस्त 290 ग्राम पंचायतें इसी वर्ष खुले में शौच से मुक्त हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि खुले में शौच से मुक्त हुए गांवों का विस्तृत दौरा किया जा रहा है और उन्हें ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन हेतु अनुदान दिया जाएगा। जिन पंचायतों ने ओडीएफ के लिए प्रस्ताव ही नहीं भेजे हैं, उन्हें तुरन्त भेजने के लिए पत्र लिखा गया है। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित शौचालय निर्माण में सहयोग करने वाले यूनीसेफ के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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